MANGAL DOSH POOJA
मंगल दोष पूजा कुंडली में विद्धमान मंगल ग्रह की उग्रता को कम करने के लिए की जाती है। जाने, मंगलभात पूजा क्या है?
मंगल दोष पूजा कुंडली में विद्धमान मंगल ग्रह की उग्रता को कम करने के लिए की जाती है। जाने, मंगलभात पूजा क्या है?
संपूर्ण कालसर्प दोष शांति अनुष्ठान से सभी प्रकार के कालसर्प दोषों का नाश हो जाता है। जाने, कालसर्प योग क्या है?
अंगारक दोष तब बनता है जब मंगल और राहु ग्रह किसी व्यक्ति की कुंडली में एक साथ या एक ही भाव में स्थित होते हैं।
मंगल ग्रह यदि जन्मकुंडली के लग्न, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव, द्वादश भाव में हो तो कुंडली को...
ऋण मुक्ति पूजा एक हिंदू धार्मिक प्रथा है जिसमें ऋण बंधन से मुक्ति प्राप्त करने के लिए पूजा की जाती है।
नवगृह जाप करने से ग्रहों के सभी अशुभ प्रभावों को दूर किया जा सकता है|आपकी कुंडली के सभी नौ ग्रह जीवन के पाठ्यक्रम को प्रभावित करते हैं |
महामृत्युंजय मंत्र का जाप क्यों किया जाता है? शास्त्रों और पुराणों में असाध्य रोगों से मुक्ति और अकाल मृत्यु...
दुर्गा जी को प्रसन्न करने के लिए जिस यज्ञ विधि को पूर्ण किया जाता है, उसे शतचंडी यज्ञ बोला जाता है।॥
राहु-केतु को अशुभ ग्रहों की श्रेणी में रखा गया है। शनिवार के दिन इनकी पूजा शुभ मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है...
मां राज राजेश्वरी बगलामुखी पूजन के द्वारा सभी शत्रु पर विजय एवं काम क्रोध आदि पर नियंत्रण भगवती आराधना...
महर्षि नारद के अनुसार- अनेन विधिनां सम्यग्वास्तुपूजां करोति य:। आरोग्यं पुत्रलाभं च धनं धान्यं लभेन्नदर:॥
रुद्राभिषेक पूजा, भगवान शिव का प्रचंड रूप माना जाता है जो समस्त ग्रह बाधाओं और सम स्याओं का नाश करता है|
कुंडली एक ज्योतिषीय चार्ट या आरेख है जो ग्रहों, चंद्रमा और सूर्य की स्थिति को दर्शाता है, जो जन्म तिथि, स्थान और समय के आधार पर बनाया जाता है।
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने॥ प्रणत: क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नम:॥ क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नम:॥
ज्योतिष शास्त्र में गुरु चांडाल दोष को बेहद अनिष्टकारी योग माना जाता है. जब किसी जातक की कुंडली में बुद्धि के देवता गुरु...
यदि जातक की जन्म कुंडली में चन्द्रमा और राहु या सूर्य और राहु एक ही भाव में विराजमान हो तो पूर्ण ग्रहण दोष होता है